Thursday, 4 December 2014

Musicians Against Torture




















वाराणसी, 28 नवम्बर 2014 को जगतगंज स्थित कामेश हट होटल में यश भारती सम्मान से सम्मानित सुप्रसिध सरोद वादक पण्डित विकास महाराज और उनके साथ पण्डित प्रभाष महाराज (तबला वादक) एवं पण्डित अभिषेक महाराज (सितार वादक) - महाराज ट्रायो ने अपने वाद्य यंत्रो को झंकृत करते हुए सुरों के माध्यम से यातना की खिलाफत करते हुए दुनिया में शान्ति, प्यार और विविघता की संस्कृति को बढ़ावा देने की अपील की | इस कार्यक्रम की शुरुआत सुप्रसिद्ध कथक नृत्यांगना दिवंगत सितारा देवी को श्रधान्जली देकर किया गया |

यातना के खिलाफ संगीत संध्या का आयोजन मानवाधिकार जननिगरानी समिति, जनमित्र न्यास एवं डेनिश संस्था डेनिश इंस्टीट्यूट अगेंस्ट टार्चर (डिग्निटी) के द्वारा न्यायमूर्ति श्री. रंगनाथ मिश्रा (मुख्य न्यायाधीश भारत सरकार, पूर्व अध्यक्ष राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) एवं मानवाधिकार जननिगरानी समिति के सलाहकार समिति के सदस्य) की स्मृति में किया गया |

इस मौके पर यातना और लैंगिक हिंसा व भेदभाव की खिलाफत करते हुए अपनी शिक्षा को जारी रखते हुए लडकियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए दो बालिकाओं यास्मिन, नन्दिनी और उनके माता पिता, श्रीमती शाहजंहा, श्री मुन्ना हाशमी एवं श्रीमती चनरावती, श्री रामकेवल को अपनी बेटियों के संघर्ष में हर सम्भव साथ देने के लिए जनमित्र सम्मान से सम्मानित किया गया |

म्यूजिशियन अगेंस्ट टार्चर अभियान की शुरुआत करते हुए पण्डित विकास महाराज जी ने कहा कि संगीत के प्रयोग से व्यक्ति तनाव मुक्त होता है और संगीत सामान्य जीवन जीने में सहायक होता है | काफी शोधो से यह सिद्ध हो चुका है कि संगीत के प्रयोग से व्यक्ति तनाव और अवसादमुक्त होता है | संगीत का प्रयोग मनोवैज्ञानिक चिकित्सा/थेरेपी के रूप में भी किया जाता है | संगीत में शांति और सुख देने का अद्भूत गुण है | संगीत पर ध्यान केंद्रित करके दुःख दर्द से व परेशानियों से मुक्त होता है । संगीत शारीरिक प्रतिक्रियाओं के परिवर्तन में सहयोगी है जो व्यक्ति के सामाजिक व मनोवैज्ञानिक विकास के लिए काफी सहायक है |

वर्तमान में जहाँ पूरा विश्व संगीत की महत्ता व उसकी उपयोगिता को समझकर उसे अपना रहा है | पंडित विकास महाराज ने कहा कि वे दुनिया भर के संगीतकारों से अपील करेंगे कि वे संगीत के द्वारा यातना मुक्त विश्व बनाने के लिए पहल करे और PVCHR द्वारा चलाये जा रहे इस अभियान में शामिल हो |

यातना के खिलाफ “ Musicians Against Torture ” विषय पर अवधारणा रखते हुए डा . लेनिन रघुवंशी ने कहा कि मानवाधिकार जननिगरानी समिति (PVCHR) अपनी स्थापना के समय से यातना और संगठित हिंसा की खिलाफत करता है और उत्तर प्रदेश, झारखण्ड सहित अन्य राज्यों के 70 ग्रामों को यातना मुक्त आदर्श ग्राम बनाने का कार्य डेनमार्क की संस्था डेनिश अगेंस्ट टार्चर (डिग्निटी) के साथ मिलकर कर रहा है |

PVCHR के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे पंडित विकास महाराज इस यातना मुक्त संगीत अभियान के अंतर्राष्ट्रीय राजदूत और अत्याचार के खिलाफ संगीतकारों के संस्थापक सदस्य नामित हुए है । इस अभियान की सफलता के लिए उत्तर-प्रदेश के उच्च न्यायायलय के न्यायाधीश माननीय मुख्य न्यायाधीश माननीय श्री.अमर शरण ने बधाई पत्र भेजा है और अपना सन्देश और शुभकामनाये दी है |

कार्यक्रम का संचालन श्री. अशोक आनन्द जी द्वारा किया गया एवं धन्यवाद ज्ञापन PVCHR गवर्निंग बोर्ड की उपाध्यक्ष सुश्री बिंदु सिंह जी ने किया |

[i][i] http://www.scribd.com/doc/59035158/Justice-Shri-Rangnath-Mishra-meber-of-Advisory-Committe-PVCHR
[ii] http://en.wikipedia.org/wiki/Music_therapy

Peoples’ Vigilance Committee on Human Rights (PVCHR), a program unit of Jan Mitra Nyas with support from Dignity: Danish Institute Against Torture launched an initiative “Musicians Against Torture” on 28th November, 2014 in a musical evening against torture in memory of Justice Shri Rangnath Mishra (former Chairperson of NHRC, Former Chief Justice of India and member of advisory committee at PVCHR)[i].
The famous Maharaj Trio Pandit Vikash Maharaj, Sarod Maestro and awarded with highest civilian award of Uttar Pradesh, his son Pandit Prabhash Maharaj, Tabla Player and Pandit Abhishek Maharaj sitar player performed in this historical evening.

The objectives behind initiative: Musicians against Torture:

1. Bringing Musician for creating Torture free world

2. Establishing the importance of Musical therapy as a part of trauma care.

3. Promoting culture of peace, love and diversity through music.

Music has many calming and soothing properties that can be used as a sedative in rehabilitation. For example, a patient with chronic pain may decrease the physiological result of stress, and draw attention away from the pain by focusing on music. Music has the ability to associate physiological changes in the body and elicit physiological responses.[ii]

Later after launching of the campaign Pandit Vikash Maharaj Ambassador of PVCHR and founder of Musicians Against Torture will appeal to the Musicians around the globe to join this campaign for creating torture free globe.
Since its inception PVCHR is voicing against the torture and organized violence and working to create 70 torture free model villages in Uttar Pradesh and Jharkhand state of India with the support from Dignity: Danish Institute Against Torture since 2010.